Bhagwant Mann ने जत्थेदार को दिया बड़ा जवाब, कहा- AI ने बनाई आपत्तिजनक वीडियो

पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज के सामने अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में पेश हुए। मुख्यमंत्री पहले अकाल तख्त सचिवालय पहुंचे और कुछ समय बाद जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज भी सचिवालय में उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री को सिख धर्म की संस्थाओं और परंपराओं के खिलाफ कथित बयानबाजी के आरोपों को लेकर अकाल तख्त में तलब किया गया था। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जत्थेदार के सामने अपनी सफाई दी और कहा कि उन्होंने आरोपों का स्पष्ट स्पष्टीकरण दिया है। अब जत्थेदार पांच सिंह साहिबान के साथ बैठक करेंगे, जिसमें मुख्यमंत्री के स्पष्टीकरण पर अगला फैसला लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री का दावा: वीडियो में दिखाया गया बयान असत्य
मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने कहा कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें वे कथित तौर पर आपत्तिजनक बयान देते दिख रहे हैं, वह एआई (Artificial Intelligence) तकनीक से बनाई गई है। उन्होंने जत्थेदार को यह बात स्पष्ट रूप से बताई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे हर प्रकार की फॉरेंसिक जांच के लिए तैयार हैं ताकि इस वीडियो की सच्चाई सामने आ सके। साथ ही उन्होंने जत्थेदार को एसजीपीसी के कामकाज को लेकर कई शिकायतें भी दी हैं। इससे यह जाहिर होता है कि मुख्यमंत्री केवल अपने बचाव में नहीं बल्कि सिख धर्म की संस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए भी गंभीर हैं।

अकाल तख्त के फैसले को स्वीकारने का भरोसा
भगवंत मान ने इस बात पर भी जोर दिया कि वे अकाल तख्त से टकराव करने वाले नहीं हैं। उन्होंने जत्थेदार साहिब को साफ शब्दों में बताया कि उनकी पूरी श्रद्धा और विश्वास अकाल तख्त में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तख्त जो भी निर्णय लेगा, वे उसे स्वीकार करेंगे। यह बात स्पष्ट करती है कि मुख्यमंत्री धार्मिक संस्थाओं के प्रति सम्मान और सहयोग के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि वे धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की प्रक्रिया में भी सरकार के प्रयासों को आगे बढ़ा रहे हैं। इससे यह उम्मीद जताई जा सकती है कि धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान करते हुए कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा।
विवाद के बीच संतुलित रवैया और आगे की राह
अकाल तख्त जत्थेदार के सामने पेशी के बाद भगवंत मान ने विवाद के बीच एक संतुलित और संयमित रुख अपनाया है। उनका कहना है कि वे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं और धार्मिक संस्थाओं का अपमान सहन नहीं करेंगे। वहीं, उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही गलत सूचनाओं से भी बचाव किया। आगामी बैठक में जत्थेदार और पांच सिंह साहिबान के फैसले का इंतजार रहेगा, जो इस मामले का अंतिम निर्णय देगा। फिलहाल मुख्यमंत्री ने अपनी बात रख दी है और अब धार्मिक संगठनों के फैसले का सम्मान करने की बात कही है, जो सिख समाज में सौहार्द्र और एकजुटता को बनाए रखने में मदद करेगा।